हरिद्वार में मुख्यमंत्री धामी ने किया शिवभक्त कांवड़ियों का भव्य स्वागत, चरण प्रक्षालन कर जताया सम्मान

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार पहुंचकर कांवड़ मेले में शामिल शिवभक्त कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया. उन्होंने हेलीकॉप्टर से कांवड़ यात्रा मार्ग पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया. मुख्यमंत्री के स्वागत से कांवड़ियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला और उन्होंने हर हर महादेव के जयघोष लगाए.

पुष्पवर्षा के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनका अभिनंदन किया. उन्होंने शिवभक्तों के चरण धोकर उनका सम्मान किया और कांवड़ यात्रा की सकुशल एवं सफल संपन्नता की कामना की. इसके बाद मुख्यमंत्री होटल अलकनंदा में आयोजित कार्यक्रम में कांवड़ियों के लिए लगाए गए भंडारे का शुभारंभ किया. साथ ही बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का सम्मान भी किया.

कार्यक्रम में हरिद्वार मेयर किरन जैसल, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान सहित भाजपा के कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे. इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि कांवड़ियों में भगवान शिव का रूप है. कांवड़ यात्रा में हमें इनके रूप में भगवान शिव की सेवा करने का अवसर मिलता है. पिछले पांच सालों से उन्हें कांवड़ियों के लिए सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है. अभी तक कांवड़ मेले में लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों में 48 हजार कांवड़ियों का इलाज किया जा चुक है.

सीएम धामी ने कहा कि भगवान भोले, वास्तव में भोले हैं, जो अपने भक्तों के समस्त पापों को नष्ट कर देते हैं. भगवान भोलेनाथ एक लोटा जल से अपने भक्तों की सभी परेशानियों को दूर कर देते हैं. कांवड़ यात्रा केवल आस्था का ही पर्व नहीं है, बल्कि सेवा और समर्पण का भी उत्सव है. इस वर्ष एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों को लौट चुके हैं.

सीएम धामी ने कहा कि आज भाजपा सरकार के राज में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, अयोध्या राम मंदिर जैसे सांस्कृतिक और पुनर्जागरण के कार्य हो चुके हैं. पीएम मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ धाम में 2013 की आपदा के बाद फिर से भव्य और दिव्य केदार बनाने का कार्य हुआ है. वहां आस्था पथ, भगवान शंकराचार्य की प्रतिमा जैसे अनेको काम वहां हुए हैं. बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान का कार्य चल रहा है. आदि कैलाश में हजारों श्रद्धालु रोजाना जा रहे हैं. हरिद्वार गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर भी मिला का पत्थर साबित हो रहे हैं. हरिद्वार हरि का द्वार है.




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