रुद्रप्रयाग में मौत को मात, 30 मीटर गहरी खाई में गिरे व्यक्ति को SDRF ने जिंदा निकाला

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में पेट्रोल पंप के पास मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक व्यक्ति अचानक करीब 30 मीटर गहरी खाई में जा गिरा. सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने तत्काल मौके पर पहुंचकर चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान चलाया और घायल व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली.

जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह डीसीआर रुद्रप्रयाग से SDRF को सूचना प्राप्त हुई कि रुद्रप्रयाग पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति गहरी खाई में गिर गया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए पोस्ट रतुड़ा से अपर उपनिरीक्षक हरीश बंगारी के नेतृत्व में SDRF की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई.

मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि व्यक्ति लगभग 30 मीटर नीचे दुर्गम खाई में घायल अवस्था में पड़ा हुआ हैय खड़ी ढलान और कठिन भूभाग के बावजूद SDRF जवानों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया. टीम ने विशेष तकनीकों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से खाई में उतरकर घायल तक पहुंच बनाई और उसे सावधानीपूर्वक स्ट्रेचर के माध्यम से ऊपर लाकर सुरक्षित बाहर निकाला.

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रेस्क्यू के बाद SDRF कर्मियों ने घायल को प्राथमिक उपचार प्रदान किया. इसके उपरांत उसे आगे के उपचार के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया. जिला पुलिस द्वारा सरकारी वाहन से घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है. घायल व्यक्ति की पहचान सुखदेव सिंह भंडारी (पुत्र अवतार सिंह भंडारी), निवासी पाबौ, जनपद पौड़ी गढ़वाल के रूप में हुई है.

दरअसल, बीती देर रात करीब 10:35 बजे कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग से SDRF पोस्ट लिनचोली को सूचना मिली कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर चार युवक मुख्य ट्रैक छोड़कर शॉर्टकट के रास्ते निकल गए और रास्ता भटककर नदी के दूसरे किनारे सुनसान क्षेत्र में फंस गए हैं. चारों युवक अंधेरे और जंगल के बीच सहायता के लिए पुकार लगा रहे थे.

सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल भारत सिंह और हेड कांस्टेबल मोहन सिंह के नेतृत्व में SDRF की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल रवाना हुई.य टीम ने सबसे पहले मोबाइल फोन के माध्यम से यात्रियों से संपर्क स्थापित कर उनकी संभावित लोकेशन ट्रेस की और उन्हें हिम्मत बनाए रखने के लिए लगातार मार्गदर्शन दिया.

रात्रि का घना अंधेरा, सघन झाड़ियां, खतरनाक ढलान और दुर्गम पहाड़ी रास्ते रेस्क्यू अभियान में बड़ी चुनौती बने रहे. बावजूद इसके SDRF जवानों ने अपने विशेष आपदा प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और अदम्य साहस का परिचय देते हुए कठिन परिस्थितियों में सर्च ऑपरेशन चलाया. कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने चारों युवकों को सुरक्षित खोज निकाला और उन्हें मुख्य पैदल मार्ग तक पहुंचाया.

रात्रि अधिक होने और आगे का सफर जोखिमपूर्ण होने के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षा की दृष्टि से लिनचोली में ही रात्रि विश्राम कराया गया. राहत की बात यह रही कि चारों यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को कोई चोट नहीं आईय

रेस्क्यू किए गए यात्रियों में साहिल कुमार (20 वर्ष), सुजीत कुमार (18 वर्ष), हिमांशु (24 वर्ष) निवासी वैशाली, बिहार तथा रूपेश (17 वर्ष) निवासी अलीगढ़, उत्तर प्रदेश शामिल हैं.

SDRF इंचार्ज आशीष डिमरी ने यात्रियों से अपील की है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के शॉर्टकट या अनधिकृत रास्तों का प्रयोग न करें. केवल निर्धारित पैदल मार्ग का ही उपयोग करेंय थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.




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