भारी बारिश के चलते देहरादून के नंदा की चौकी में नए पुल की एप्रोच रोड धंसने से सोमवार सुबह यातायात बाधित हो गया। घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को तत्काल राहत एवं मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य एजेंसियों ने युद्धस्तर पर काम करते हुए करीब 12 घंटे के भीतर मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा लंबे समय तक न झेलनी पड़े। राहत कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की गई और मशीनों की मदद से क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड को तेजी से दुरुस्त किया गया। मार्ग खुलने के बाद वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई और स्थानीय लोगों को राहत मिली।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, दोषियों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नया पुल पूरी तरह सुरक्षित है और केवल एप्रोच रोड को नुकसान पहुंचा था। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार का समझौता न करने की बात दोहराते हुए निर्देश दिए कि यदि जांच में किसी अधिकारी, इंजीनियर या ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

PWD सचिव ने किया निरीक्षण
लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडेय ने मौके का निरीक्षण कर बताया कि तेज बारिश और पानी के बहाव के कारण एप्रोच रोड के नीचे से मलबा बह गया था, जिससे सड़क का हिस्सा धंस गया। मुख्य अभियंता को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने यह भी कहा कि प्रदेश में बारिश से प्रभावित सड़कों को अधिकतम 24 घंटे के भीतर खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मानसून के बीच राहत कार्य बना उदाहरण
मानसून के दौरान उत्तराखंड में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं आम हैं। ऐसे में नंदा की चौकी में कम समय में यातायात बहाल होना प्रशासन की त्वरित कार्यप्रणाली का उदाहरण माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि राहत कार्यों के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता है।