उत्तराखंड में सात अक्टूबर को मनाया जाएगा गढ़ भोज दिवस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे संबोधित

उत्तराखंड: पारंपरिक कृषि, स्थानीय अनाज एवं पहाड़ी व्यंजनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेशभर में सात अक्टूबर को गढ़ भोज दिवस मनाया जाएगा. इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों, सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों तथा अन्य स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर स्थानीय अनाज एवं पारंपरिक व्यंजनों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा.

गढ़ भोज दिवस के माध्यम से उत्तराखंड के पारंपरिक मोटे अनाज, दालों, स्थानीय फल-सब्जियों एवं पहाड़ी व्यंजनों को प्रोत्साहित करने के साथ ही इनके पोषण संबंधी महत्व की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी. कार्यक्रमों में स्थानीय उत्पादों से तैयार पारंपरिक व्यंजनों को शामिल किया जाएगा.

राज्य सरकार का उद्देश्य स्थानीय कृषि उत्पादों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करना तथा पारंपरिक खाद्य संस्कृति को संरक्षित करना है. गढ़ भोज के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उत्पादित अनाज एवं अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ाने और उन्हें बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है.

गढ़ भोज दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों एवं युवाओं को उत्तराखंड के पारंपरिक खान-पान और स्थानीय कृषि उत्पादों की विशेषताओं से परिचित कराया जाएगा. साथ ही लोगों को पौष्टिक एवं संतुलित आहार के रूप में स्थानीय अनाज के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा.

गढ़ भोज उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक खान-पान की पहचान है. मंडुवा, झंगोरा, चौलाई, गहत, भट्ट, राजमा, तिल, जखिया सहित विभिन्न स्थानीय अनाज एवं दालें प्रदेश की खाद्य परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. इनके नियमित उपयोग से स्थानीय किसानों एवं उत्पादकों को भी प्रोत्साहन मिलता है.

राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. गढ़ भोज दिवस इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से स्थानीय उत्पाद, स्थानीय भोजन और स्थानीय संस्कृति को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा.

प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वे सात अक्टूबर को आयोजित होने वाले गढ़ भोज दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता करें और उत्तराखंड के पारंपरिक एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपने दैनिक भोजन का हिस्सा बनाने के साथ-साथ स्थानीय किसानों और उत्पादकों को प्रोत्साहित करें.




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