देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत भू-विन्यास के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में देहरादून के झाझरा क्षेत्र में करीब 5 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए मौके पर विकसित की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।
एमडीडीए के अनुसार, यह कार्रवाई नन्दा एन्कलेव, सैनिक कॉलोनी और एलपी विलाश के सामने स्थित भूमि पर की गई। यहां बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के भूमि का डिमार्केशन कर प्लॉटिंग किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
निरीक्षण में सामने आई अनधिकृत प्लॉटिंग
प्राधिकरण की टीम ने मौके का निरीक्षण किया तो भूमि पर प्लॉटिंग के लिए डिमार्केशन किया हुआ पाया गया। इस दौरान संबंधित पक्ष से स्वीकृत तलपट मानचित्र प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन मौके पर ऐसा कोई स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एमडीडीए ने नियमानुसार वाद दायर किया। इसके बाद संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिया गया और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्रवाई की गई।

करीब 5 बीघा क्षेत्र में ध्वस्तीकरण
सुनवाई और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एमडीडीए की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने करीब 5 बीघा क्षेत्र में की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही प्लॉटिंग पर रोक लगाने का संदेश गया है।
बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग नहीं
एमडीडीए के मुताबिक बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग, सीमांकन अथवा बिक्री के उद्देश्य से कॉलोनी विकसित करना अनुमन्य नहीं है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना भू-विन्यास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एमडीडीए की ओर से अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।
आम लोगों के लिए भी जरूरी सावधानी
भूमि या प्लॉट खरीदने वाले लोगों के लिए भी यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है। किसी भी प्लॉट को खरीदने से पहले संबंधित प्राधिकरण से उसके स्वीकृत मानचित्र, लेआउट और आवश्यक अनुमतियों की जानकारी लेना जरूरी है, ताकि भविष्य में कानूनी कार्रवाई या विवाद की स्थिति से बचा जा सके।